देहरादून। राजधानी देहरादून में पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए बांग्लादेशी नागरिक और देहरादून की एक महिला को गिरफ्तार किया है। दोनों फेसबुक पर हुई दोस्ती को रिश्ते में बदलते हुए अवैध तरीके से भारत और बांग्लादेश की सीमाएं पार करते रहे और फिर भारत में फर्जी पहचान के सहारे पति-पत्नी बनकर रहने लगे।
ऑपरेशन कालनेमि के तहत नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस और एलआईयू की संयुक्त टीम ने 20 नवंबर को कार्रवाई की। सूचना मिली थी कि एक बांग्लादेशी युवक ने फर्जी आधार, पैन और अन्य पहचान पत्र बनवाकर नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में रह रहा है। इस पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां युवक ने अपना असली नाम ममून हसन, निवासी मेहरपुर (बांग्लादेश) बताया। महिला देहरादून जिले के त्यूनी क्षेत्र की निकली।
जांच में सामने आया कि दोनों की पहचान फेसबुक के जरिए हुई थी। नजदीकियां बढ़ीं तो ममून साल 2019, 2020 और 2021 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया और महिला के साथ रहा। बाद में दोनों अवैध रूप से बांग्लादेश चले गए, जहां उन्होंने निकाह किया। इसके बाद दोबारा सीमा पार कर दोनों भारत लौटे और देहरादून में किराए के कमरों में पति-पत्नी की तरह रहने लगे।
चौंकाने वाली बात यह है कि महिला ने अपने पहले पति के नाम पर ममून हसन के फर्जी भारतीय पहचान पत्र तैयार करवाए, ताकि वह भारत में सुरक्षित रह सके और नौकरी कर सके। इन दस्तावेजों के आधार पर ममून देहरादून के एक क्लब में बाउंसर के रूप में काम कर रहा था।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर फर्जी दस्तावेजों सहित कई महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए हैं। वहीं, फर्जी पहचान पत्र तैयार करवाने में शामिल अन्य लोगों की भी पुलिस तलाश कर रही है और जल्द कार्रवाई की बात कही है।
एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक, महिला पहले से शादीशुदा थी लेकिन अलगाव के बाद उसकी फेसबुक पर ममून से मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों ने अवैध तरीके से सीमाएं पार कर विवाह किया और फिर फर्जी पहचान बनवाकर देहरादून में रहने लगे।
पुलिस का कहना है कि यह मामला न सिर्फ अवैध घुसपैठ बल्कि फर्जी दस्तावेज नेटवर्क से भी जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच आगे और गहराई से की जा रही है।



