व्हाट्सएप पर आए फर्जी RTO चालान लिंक ने छीनी बुजुर्ग की जीवनभर की कमाई, FD तुड़वाकर 12 ट्रांजेक्शन में 22.93 लाख रुपये साइबर ठगों ने खाते से उड़ा दिए

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हल्द्वानी में 22.93 लाख की साइबर ठगी, वरिष्ठ नागरिक के खाते से FD तुड़वाकर उड़ाई रकम

हल्द्वानी से साइबर अपराध का एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें साइबर ठगों ने एक वरिष्ठ नागरिक के बैंक खाते से 22 लाख 93 हजार 1 रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी को अंजाम दिया। पीड़ित उमेश कुमार वाष्णेय, निवासी जज फार्म, हल्द्वानी ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं परिक्षेत्र, रुद्रपुर में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित के अनुसार उनका HDFC बैंक, बरेली रोड हल्द्वानी शाखा में बचत खाता है। 14 दिसंबर 2025 की शाम उनके मोबाइल फोन पर लगातार ओटीपी और अन्य संदिग्ध मैसेज आए, जिन्हें उन्होंने सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया। कुछ समय बाद जब खाते से रुपये कटने का संदेश मिला, तो उन्हें साइबर फ्रॉड की आशंका हुई। तत्काल उन्होंने बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क कर अपना खाता लॉक कराया।

 

अगले दिन बैंक से स्टेटमेंट निकलवाने पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ। खाते से जुड़ी 21 लाख रुपये की एफडी को 11 दिसंबर 2025 को अज्ञात व्यक्ति द्वारा तुड़वाकर, ब्याज सहित 21 लाख 83 हजार 855 रुपये किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिए गए थे। खाते में पहले से मौजूद 1 लाख 10 हजार रुपये जोड़ने पर कुल बैलेंस 22 लाख 93 हजार 855 रुपये हो गया, जिसमें से 12 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से लगभग पूरी रकम निकाल ली गई।

 

यह रकम 12 से 14 दिसंबर के बीच IMPS, RTGS और UPI के जरिए ट्रांसफर की गई। लेन-देन में 5 लाख और 3 लाख रुपये के बड़े ट्रांसफर से लेकर 1 रुपये के ट्रायल ट्रांजेक्शन तक शामिल हैं, जिससे पूरे मामले को सुनियोजित साइबर ठगी माना जा रहा है।

 

जांच के दौरान पीड़ित को पता चला कि 9 दिसंबर 2025 को उनके व्हाट्सएप पर “RTO Challan” नाम की एक APK फाइल आई थी, जिसे उन्होंने अनजाने में इंस्टॉल कर लिया। आशंका है कि इसी एप के जरिए मोबाइल फोन को हैक कर बैंकिंग डिटेल्स हासिल की गईं। ठगों ने पीड़ित की बैंक खाते से जुड़ी ईमेल आईडी भी बदल दी।

 

पीड़ित ने 15 दिसंबर को 1930 साइबर हेल्पलाइन पोर्टल पर दो शिकायतें दर्ज कराईं। अब साइबर क्राइम पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि संबंधित खातों को फ्रीज कराने की कार्रवाई की जा रही है। यह घटना एक बार फिर लोगों को अनजान APK फाइलों से सतर्क रहने की चेतावनी देती है।

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