रुद्रपुर। मुकदमों के लंबे इंतजार के बीच शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने बड़ी संख्या में वादकारियों को राहत पहुंचाई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित लोक अदालत में आपसी सहमति और समझौते के आधार पर जिलेभर में 4130 वादों का निस्तारण किया गया। इसके साथ ही 297 प्री-लिटिगेशन मामलों का भी समाधान कराया गया। इस तरह कुल 4427 मामलों को निस्तारण की राह मिली।
रुद्रपुर स्थित जिला मुख्यालय में अपर जिला न्यायाधीश मुकेश चंद्र आर्या ने 57 वादों का निस्तारण किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जयेन्द्र सिंह ने 504, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) गुंजन सिंह ने 377 और विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रितिका सेमवाल ने 48 मामलों का निस्तारण किया। जिले की अन्य अदालतों में भी बड़ी संख्या में मामलों का समाधान हुआ।
लोक अदालत में पक्षकारों को आपसी समझौते के जरिए विवाद खत्म करने का अवसर मिला। इससे उन्हें मुकदमों की लंबी प्रक्रिया, समय और खर्च से राहत मिली।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ममता पंत ने कहा कि लोक अदालत त्वरित, सरल और आपसी सहमति से न्याय पाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और वादकारियों के सहयोग से लोक अदालत सफल रही। उन्होंने सभी सहयोगियों का आभार जताया।

