देहरादून। राजधानी देहरादून की राजपुर थाना पुलिस ने खुद को आईपीएस, रॉ एजेंट, सीआरपीएफ अधिकारी और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों से लाखों रुपये की कथित ठगी करने वाले आर. यशोवर्धन को गिरफ्तार किया है। आरोपी उत्तराखंड के एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का बेटा बताया जा रहा है। गुरुवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के सामने पेश किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी लोगों को सरकारी नौकरी, कंपनी रजिस्ट्रेशन, रक्षा मंत्रालय में नियुक्ति, पेटेंट और सरकारी अनुदान दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था। हाल ही में एक महिला वैज्ञानिक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए रक्षा मंत्रालय में डेटा साइंस कंसल्टेंट की नौकरी दिलाने के नाम पर 4.60 लाख रुपये ठग लिए। इससे पहले एक अन्य शिकायतकर्ता से कंपनी पंजीकरण कराने के बहाने 15 लाख रुपये की ठगी का आरोप भी सामने आया था।
दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मसूरी रोड स्थित सीएसआई तिराहे के पास चेकिंग के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लंबे समय तक यूपीएससी की तैयारी करता रहा, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद उसने फर्जी आईडी कार्ड, विजिटिंग कार्ड और वर्दी बनवाकर खुद को बड़ा अधिकारी बताना शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक वह नौकरी दिलाने, टेंडर पास कराने और अन्य सरकारी कार्य कराने के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूलता था।
आरोपी के कब्जे से पांच फर्जी पहचान पत्र, आठ विजिटिंग कार्ड, पुलिस और सेना के 25 लोगो, सेना एवं पैरामिलिट्री की तीन जोड़ी वर्दियां, तीन फर्जी रिबन, एक वायरलेस सेट और एक लैपटॉप बरामद किया गया है।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और क्या अन्य राज्यों में भी उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज है। पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई करेगी।




