बाजपुर (ऊधम सिंह नगर)। परिजनों की शिकायत पर एक युवक को नशा मुक्ति केंद्र ले जाने के लिए दिल्ली से बाजपुर पहुंची संबंध समिति रिहैबिटेशन सेंटर (एनजीओ) की टीम पर बुधवार देर रात जानलेवा हमला हो गया। हमले में टीम के सुपरवाइजर सरबजीत सिंह (53) की मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, संबंध समिति रिहैबिटेशन सेंटर, नई दिल्ली की टीम बुधवार रात करीब 11 बजे बाजपुर के वार्ड नंबर-5, मुड़िया पिस्तौर निवासी यशदीप सिंह संधू को उसके परिजनों की शिकायत पर नशा मुक्ति केंद्र ले जाने पहुंची थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि युवक ने धारदार हथियार (तलवार) से टीम पर हमला कर दिया।
हमले में सुपरवाइजर सरबजीत सिंह पुत्र गुरुदेव सिंह, निवासी 17-बी, डीडीए फ्लैट, कालकाजी, नई दिल्ली गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल बाजपुर सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद काशीपुर रेफर किया गया। काशीपुर के कृष्णा अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली बाजपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की जानकारी मिलने पर मृतक के परिजन और रिहैबिटेशन सेंटर के अन्य सदस्य भी दिल्ली से बाजपुर पहुंच गए।
मृतक के भाई सुखमिंदर सिंह की तहरीर पर कोतवाली बाजपुर में एफआईआर संख्या 247/2026 दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी यशदीप सिंह संधू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बताया गया कि सरबजीत सिंह पिछले पांच-छह वर्षों से संबंध समिति रिहैबिटेशन सेंटर, नई दिल्ली में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। उनके परिवार में पुत्र सुखजीत सिंह हैं। इस घटना ने नशा मुक्ति केंद्रों की टीमों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




