रुद्रपुर। वर्षों से अधर में लटकी रोडवेज बस अड्डा परियोजना को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। विश्वकर्मा मार्केट के विस्थापित दुकानदारों के पुनर्वास का रास्ता लगभग साफ हो गया है। महापौर विकास शर्मा ने स्पष्ट किया कि नगर निगम किसी भी दुकानदार को बिना पुनर्वास के नहीं हटाएगा। पहले सभी प्रभावित व्यापारियों को नई जगह दुकानें आवंटित की जाएंगी, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
महापौर ने बताया कि छोटा जयसीज पब्लिक स्कूल के समीप पुनर्वास स्थल चिन्हित कर लिया गया है। करीब 27 प्रभावित दुकानदारों की सूची भी तैयार हो चुकी है। एक-दो दिन में वहां रिटेनिंग वॉल के निर्माण का कार्य शुरू होगा। निर्माण पूरा होने के बाद सभी दुकानदारों को व्यवस्थित रूप से नई दुकानें आवंटित कर दी जाएंगी, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता विकास कार्यों के साथ व्यापारियों के हितों की भी रक्षा करना है। पुनर्वास स्थल का नक्शा तैयार है और इस संबंध में दुकानदारों के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है। प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में भी पुनर्वास योजना की घोषणा की जा चुकी है।
महापौर ने बताया कि रोडवेज बस अड्डे का निर्माण कार्य लगभग 40 प्रतिशत पूरा हो चुका है, लेकिन पुनर्वास की प्रक्रिया लंबित होने से परियोजना की गति प्रभावित हो रही थी। अब यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है और दुकानदारों के स्थानांतरित होते ही बस अड्डे के शेष निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक सुविधाओं से लैस नया रोडवेज बस अड्डा बनने के बाद रुद्रपुर की यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, शहर की पहचान मजबूत होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। महापौर ने दोहराया कि नगर निगम विकास और मानवीय संवेदनाओं के बीच संतुलन बनाए रखते हुए सभी प्रभावित दुकानदारों का सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करेगा।




