रुद्रपुर। हल्द्वानी-रुद्रपुर मार्ग पर वर्ष 2019 में हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवा मैकेनिकल इंजीनियर के मामले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीपी) रुद्रपुर ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने मृतक के परिजनों के पक्ष में निर्णय देते हुए बीमा कंपनी को ‘पे एंड रिकवर’ सिद्धांत के तहत ब्याज सहित ₹21.67 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है।
तृतीय अपर जिला जज एवं मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीश मुकेश चन्द्र आर्य ने 16 मई 2026 को यह फैसला सुनाया। आदेश के अनुसार बीमा कंपनी पहले पीड़ित परिवार को पूरी मुआवजा राशि का भुगतान करेगी और बाद में वाहन स्वामी से उक्त रकम की वसूली कर सकेगी।
मामले के अनुसार, 08 नवंबर 2019 की मध्य रात्रि में रुद्रपुर के जनपथ एन्क्लेव फुलसुंगा निवासी 24 वर्षीय अर्जुन भारद्वाज अपने मित्र रवि शर्मा के साथ हल्द्वानी से शादी समारोह में शामिल होकर मोटरसाइकिल से लौट रहे थे। जैसे ही वे बेल बाबा मंदिर के पास पहुंचे, तभी रुद्रपुर की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक संख्या यूपी-86टी-1195 ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि मोटरसाइकिल में आग लग गई और वह पूरी तरह जलकर राख हो गई। गंभीर रूप से घायल अर्जुन को तत्काल सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बताया गया कि अर्जुन भारद्वाज पंतनगर सिडकुल स्थित सिकन्दस लिमिटेड कंपनी में क्वालिटी एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत थे और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
सुनवाई के दौरान मृतक पक्ष के अधिवक्ता कमल चिलाना ने दुर्घटना से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत किए। वहीं बीमा कंपनी ने दावा किया कि वाहन स्वामी ने बीमा शर्तों का उल्लंघन किया है। जांच में सामने आया कि दुर्घटना के समय ट्रक चालक वीर बहादुर कामी, निवासी नेपाल, के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इसे बीमा नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए कोर्ट ने ‘पे एंड रिकवर’ का आदेश पारित किया।
न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि मुआवजा राशि पर 22 जनवरी 2021 से छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा।




