दो दिन का पेट्रोल बचा? मिडिल ईस्ट तनाव के बीच वायरल दावे की सरकार ने खोली पोल
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोशल मीडिया पर देश में ईंधन संकट को लेकर फैलाया जा रहा दावा पूरी तरह फर्जी निकला है। इंटरनेट पर वायरल हो रही एक कथित न्यूज पोस्ट में दावा किया गया कि भारत के पास केवल दो दिनों का पेट्रोल और डीजल बचा है और देशभर के पेट्रोल पंपों पर अफरातफरी मच गई है। हालांकि केंद्र सरकार और पीआईबी फैक्ट चेक ने इस खबर को सिरे से खारिज कर दिया है।
पीआईबी फैक्ट चेक ने बताया- अफवाह और दुष्प्रचार
सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी Press Information Bureau की जांच में सामने आया कि वायरल पोस्ट पूरी तरह मनगढ़ंत और भ्रामक है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।
पीआईबी ने अपने बयान में कहा कि भारत के पास लगभग 60 दिनों का पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार सुरक्षित है। इसके अलावा देश की रिफाइनिंग क्षमता भी मांग के अनुरूप बनी हुई है। सरकार ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी को ही सही मानें।
अफवाह के बाद पेट्रोल पंपों पर बढ़ी भीड़
फर्जी खबर वायरल होने के बाद कई शहरों में लोग एहतियात के तौर पर पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे। कुछ जगहों पर लंबी कतारें भी देखने को मिलीं। हालांकि प्रमुख तेल कंपनियों Indian Oil Corporation और Bharat Petroleum ने साफ किया कि ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।
कंपनियों के अनुसार डिपो से नियमित सप्लाई जारी है, लेकिन पैनिक बाइंग की वजह से कुछ स्थानों पर अस्थाई दबाव बना। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी प्रकार का ईंधन संकट नहीं है।
संकट के समय तेजी से फैलती हैं फेक न्यूज
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव और युद्ध जैसे हालात में सोशल मीडिया पर अफवाहें तेजी से फैलती हैं। ऐसी झूठी खबरें लोगों में डर और अस्थिरता पैदा करती हैं। कई बार लोग बिना पुष्टि किए संदेशों को आगे बढ़ा देते हैं, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
क्या करें यदि दिखे ऐसी संदिग्ध पोस्ट?
सोशल मीडिया पर दिखने वाली भ्रामक पोस्ट को तुरंत ‘Fake News’ या ‘Misleading’ कैटेगरी में रिपोर्ट करें।
किसी भी बड़ी खबर को साझा करने से पहले सरकार या आधिकारिक एजेंसियों से उसकी पुष्टि जरूर करें।
अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
सरकार और तेल कंपनियों ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और नागरिकों को किसी भी तरह की घबराहट में खरीदारी करने की आवश्यकता नहीं है।




