रामपुर/रुद्रपुर।
रामपुर में चलती ट्रेन में हुई सनसनीखेज लूटपाट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में खुद को पुलिसकर्मी बताकर यात्रियों से लूट करने वाले चार बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। यह मुठभेड़ रविवार तड़के करीब 4:45 बजे बिलासपुर-रुद्रपुर बॉर्डर पर हुई।
जीआरपी थाना प्रभारी ईश्वर चंद के मुताबिक, पिछले चार दिनों से इस गिरोह की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी मिश्रा सिंह के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने चारों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मिश्रा सिंह, गौरव, भारत और डेविड के रूप में हुई है। घायल मिश्रा सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके पास से 315 बोर का तमंचा और एक कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटी गई रकम में से 1 लाख 38 हजार 500 रुपये भी बरामद किए हैं।
जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी गौरव पहले एक व्यक्ति मंजीत सिंह का कर्मचारी था और करीब दो महीने पहले नौकरी छोड़ चुका था। उसी ने पूरी लूट की साजिश रची थी।
गौरतलब है कि चार दिन पहले बदमाशों ने संपर्क क्रांति ट्रेन में दो यात्रियों को गन प्वाइंट पर लेकर करीब ढाई लाख रुपये लूट लिए थे। शुरुआत में सात लाख रुपये की लूट की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में ढाई लाख रुपये का मामला दर्ज हुआ।
फिलहाल तीन आरोपी जीआरपी हिरासत में हैं और उनसे गहन पूछताछ जारी है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपियों को जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा।




