रुद्रपुर (ऊधमसिंहनगर):
जनपद में उर्वरकों की कालाबाजारी पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मैसर्स अजंता फर्टिलाइजर, गल्ला मंडी के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं। यह कार्रवाई मुख्य कृषि अधिकारी कार्यालय की जांच रिपोर्ट और जिलाधिकारी की अनुमति के बाद की गई है।
कार्यालय मुख्य कृषि अधिकारी द्वारा कोतवाली रुद्रपुर को भेजी गई तहरीर के अनुसार, मार्च माह में अधिक यूरिया खरीद की सूची के सत्यापन के दौरान फर्म में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। 28 मार्च को कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी और तहसीलदार द्वारा संयुक्त निरीक्षण में पाया गया कि फर्म ने उर्वरक स्टॉक और मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं की, जो उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) 1985 का उल्लंघन है।
निरीक्षण के दौरान पीओएस मशीन के अनुसार 558 बैग यूरिया स्टॉक होना चाहिए था, जबकि मौके पर केवल 9 बैग ही मिले। इसके अलावा, फर्म संचालक द्वारा स्वीकार किया गया कि 15 बैग यूरिया उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति को बेचे गए, जो नियमों के खिलाफ है।
जांच में यह भी सामने आया कि फर्म ने लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन करते हुए जनपद से बाहर उर्वरक की बिक्री की और निर्धारित सीमा से अधिक यूरिया बिना अनुमति बेचा। प्रशासन ने इसे कालाबाजारी मानते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. विकेश कुमार सिंह यादव ने कोतवाली पुलिस को गोदाम और अभिलेख सीज कर FIR दर्ज करने को कहा है। इस कार्रवाई से जिले में उर्वरक कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। वहीं तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




