रुद्रपुर। प्रदेश में “ऑपरेशन लंगड़ा” को लेकर चर्चित रहे मणिकांत मिश्रा का 16 माह का कार्यकाल अपराध नियंत्रण और सख्त पुलिसिंग के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने कार्यभार संभालते ही क्राइम कंट्रोल को प्राथमिकता दी और योगी पुलिस की तर्ज पर ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की। उनके कार्यकाल में 34 पुलिस मुठभेड़ों में 38 बदमाशों को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया गया। एक महीने के भीतर ही पहली मुठभेड़ में एक कुख्यात बदमाश को लंगड़ा बनाकर पकड़ने के बाद “ऑपरेशन लंगड़ा” चर्चा में आ गया था।
मिश्रा ने अपराध के साथ-साथ मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ भी सख्त अभियान चलाया। खटीमा क्षेत्र के मझोला और वनगवां गांवों को चिन्हित कर उन्हें नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया। कई दौरों के दौरान ग्रामीणों को जागरूक किया गया और सामूहिक शपथ दिलाई गई कि गांव में नशा न करेंगे और न होने देंगे। काशीपुर में हर मंगलवार जनता दरबार लगाकर लोगों की शिकायतों का मौके पर निस्तारण भी उनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा।
हालांकि, बीते माह काशीपुर के पैगा गांव निवासी सुखवंत सिंह द्वारा कथित रूप से गोली मारकर आत्महत्या किए जाने के मामले में उन पर आरोप लगे और विवाद खड़ा हो गया। उनके तबादले को इसी प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
अपनी फिटनेस को लेकर भी मिश्रा चर्चा में रहे। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में पहुंचे गुरमीत सिंह ने सार्वजनिक मंच से उनकी फिटनेस की सराहना की और विद्यार्थियों को उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।




