कैंटर की टक्कर से पत्नी की मौत: अदालत सख्त, बीमा कंपनी को 17.43 लाख मुआवजा देने का आदेश

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रुद्रपुर/सितारगंज। वर्ष 2023 में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के मामले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण/द्वितीय अपर जिला जज मीना देउपा की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पीड़ित परिवार को 17.43 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने बीमा कंपनी को निर्देशित किया है कि 45 दिन के भीतर यह राशि अदा की जाए।

मामले के अनुसार, सितारगंज निवासी गौरव पुत्र धीरेंद्र ने अदालत में याचिका दायर कर बताया था कि 2 मार्च 2023 को वह अपनी पत्नी रीमा के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। दोपहर के समय पेट्रोल पंप से सितारगंज की ओर हाईवे कट के पास अचानक तेज रफ्तार से आ रहे एक कैंटर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में रीमा गंभीर रूप से घायल हो गईं।

घटना के बाद उन्हें पहले रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर होने पर नैनीताल रोड स्थित एक न्यूरो सेंटर रेफर कर दिया गया। हालत में सुधार न होने पर रीमा को एम्स ऋषिकेश ले जाया गया, लेकिन वहां आईसीयू बेड उपलब्ध न होने के कारण उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी भेजा गया। इलाज के दौरान रीमा की मौत हो गई।

सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने दलील दी कि दुर्घटना में बाइक चालक की भी गलती थी और मांगा गया मुआवजा अधिक है। हालांकि, पुलिस की चार्जशीट और चश्मदीद गवाहों के आधार पर अदालत ने स्पष्ट माना कि हादसा कैंटर चालक लाभ सिंह की लापरवाही से हुआ।

अदालत ने यह भी पाया कि दुर्घटना के समय वाहन के सभी दस्तावेज और बीमा वैध थे। ऐसे में बीमा कंपनी को मुआवजा भुगतान के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

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