उत्तराखंड में जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ सरकार अब और सख्त कार्रवाई करने जा रही है। पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सरकार ने बताया कि अब केवल त्योहारों के दौरान ही नहीं, बल्कि हर महीने एक सप्ताह खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत बाजारों, दुकानों, हाट-बाजारों और मेलों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के नमूनों की नियमित जांच की जाएगी।
इस संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों की जांच का अभियान लगातार चलाया जा रहा है और इसकी गति को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खासतौर पर हाट-बाजारों और मेलों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि आम लोगों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री मिल सके।
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023-24 में खाद्य पदार्थों के कुल 1,627 नमूने लिए गए थे, जिनमें से 171 नमूने जांच में फेल पाए गए। इसके आधार पर 171 मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए। वहीं वर्ष 2024-25 में 1,684 नमूने लिए गए, जिनमें से 159 नमूने फेल पाए गए और इनके आधार पर 159 वाद दर्ज किए गए।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में स्टाफ की कमी को जल्द दूर किया जाएगा, ताकि जांच और प्रवर्तन की कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा सके। सरकार का कहना है कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।




