देहरादून में आज उस वक्त सियासी पारा चढ़ गया, जब विभिन्न मुद्दों को लेकर लोक भवन घेराव के लिए निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हाथीबड़कला के पास रोक दिया। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच कांग्रेसियों और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
इससे पहले कांग्रेस कार्यकर्ता परेड ग्राउंड में एकत्र हुए और वहां से रैली निकालते हुए लोक भवन की ओर कूच किया। हजारों की संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य अपने समर्थकों के साथ पहला बैरिकेड पार करने में सफल रहे, लेकिन आगे बढ़ने नहीं दिया गया।
प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह, करन माहरा और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। हंगामे के बाद पुलिस ने करीब 500 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और बसों के जरिए पुलिस लाइन भेज दिया।
हिरासत में लिए जाने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल के सहारे जनभावनाओं को दबाने का काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि परिवर्तन की लहर सड़कों पर उतर चुकी है और कांग्रेस का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
वहीं, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि हजारों की संख्या में ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से आए कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ आवाज उठाने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें जबरन रोक दिया गया।
फिलहाल देहरादून में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है।




