थाना आईटीआई क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म, छेड़छाड़ और अश्लील वीडियो वायरल करने जैसे गंभीर आरोपों वाले चर्चित पॉक्सो मामले में एफटीसी विशेष न्यायालय, ऊधम सिंह नगर ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपितों—सादिक अली उर्फ बब्लू और जावेद अली—को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
अभियोजन के अनुसार पीड़िता के पिता की तहरीर पर 12 दिसंबर 2021 को मुकदमा अपराध संख्या 369/2021 दर्ज हुआ था। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि पड़ोस में रहने वाला सादिक अली उर्फ बब्लू शादी का झांसा देकर नाबालिग को अपने घर बुलाता रहा और कई बार शारीरिक संबंध बनाए। साथ ही उसकी अश्लील फोटो और वीडियो भी तैयार कर लिए, जो बाद में उसके साथी जावेद अली के पास पहुंच गए। आरोप था कि जावेद और अन्य युवक सड़क पर उसे छेड़ते तथा वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देते थे।
विवेचना के बाद दोनों अभियुक्तों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम और भादसं की गंभीर धाराओं में आरोपपत्र दायर हुआ। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पॉक्सो कानून के प्रावधानों के तहत पीड़िता व परिवार की पहचान गोपनीय रखते हुए सभी पक्षों की गवाही दर्ज की। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत कई गवाहों के बयान में विरोधाभास सामने आए और आरोपों की पुष्टि के लिए आवश्यक साक्ष्य पर्याप्त नहीं पाए गए।
अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) संगीता आर्य ने 28 नवंबर 2025 को निर्णय सुनाते हुए कहा कि अभियोजन आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं कर सका। इसलिए दोनों अभियुक्तों को दोषमुक्त किया जाता है। अदालत ने उनके बंधपत्र निरस्त कर जमानतदारों को जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया। अदालत ने निर्णय को सीआईएस व एनजेडीजी पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए।



