पहाड़ी से गिरकर युवा ग्राम प्रधान की मौत, गांव में शोक की लहर
पिथौरागढ़। सीमांत जिले पिथौरागढ़ के तेजम तहसील अंतर्गत रिगुनिया गांव के युवा ग्राम प्रधान रमेश थापा की पहाड़ी से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। बुधवार को थल स्थित रामगंगा तट पर गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। असमय हुई इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
ग्रामीणों के अनुसार 35 वर्षीय ग्राम प्रधान रमेश थापा मंगलवार दोपहर घर से लगभग एक किलोमीटर दूर पेयजल स्रोत को देखने गए थे। गांव में नलों में पानी नहीं आने की शिकायत थी, जिसको लेकर वह स्वयं स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान पहाड़ी पर पैर फिसलने से वह गहरी खाई में गिर गए, जिससे उनके पेट में गंभीर चोटें आईं।
शाम तक घर न लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ी और ग्रामीणों ने उनकी खोजबीन शुरू की। काफी तलाश के बाद रमेश थापा खाई में मृत अवस्था में मिले। जैसे ही ग्राम प्रधान की मौत की सूचना गांव में फैली, परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के वृद्ध पिता भवान सिंह, माता पुष्पा थापा, पत्नी भावना देवी, 12 वर्षीय पुत्री किरण और नौ वर्षीय पुत्र का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों ने बताया कि रमेश थापा बेहद मिलनसार और मददगार व्यक्ति थे। उनकी असमय मौत से पूरा गांव सदमे में है। बुधवार को थल में रामगंगा नदी तट पर अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सामाजिक लोग शामिल हुए।
ब्लॉक प्रमुख कविता महर, कनिष्ठ प्रमुख देवा धर्मशक्तू, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पृथ्वीराज समेत ग्राम प्रधान संगठन ने रमेश थापा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।



