उधम सिंह नगर के पुलभट्टा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका की शादी समय रहते रुकवा दी गई। हरियाणा से दूल्हा बारात लेकर गांव अंजनिया पहुंच चुका था और विवाह की तैयारियां अंतिम चरण में थीं, लेकिन स्वयंसेवी संस्था की सतर्कता से बाल विवाह टल गया।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम अंजनिया निवासी 15 वर्षीय बालिका का विवाह तय किया गया था। इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डेवलपमेंट (आईएसडी) को इसकी सूचना मिली तो संस्था के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में टीम सक्रिय हो गई। आईएसडी, जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलायंस के सहयोग से जनपद में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान चला रहा है।
सोमवार रात आईएसडी की परियोजना निदेशक बिंदुवासिनी ने चाइल्ड लाइन 1098 और पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और आईएसडी की संयुक्त टीम गांव पहुंची। उस समय बारात की तैयारियां चल रही थीं। टीम ने बालिका की उम्र संबंधी दस्तावेज मांगे तो परिजन टालमटोल करने लगे। बाद में जूनियर हाई स्कूल से प्राप्त अभिलेखों के आधार पर बालिका की उम्र 15 वर्ष 11 माह पाई गई। इसके बाद तत्काल विवाह रुकवा दिया गया।
चाइल्ड लाइन और बाल कल्याण समिति के निर्देश पर बालिका को वन स्टॉप सेंटर, रुद्रपुर में सुरक्षित ठहराया गया है। दूल्हा और दोनों पक्षों के परिजनों को आगे की कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा। पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई गई है।
मौके पर मौजूद बैंड और कैटरिंग संचालकों को भी सख्त निर्देश दिए गए कि भविष्य में किसी भी विवाह समारोह से पहले दूल्हा-दुल्हन की उम्र की पुष्टि अवश्य करें। ग्राम प्रधान को भी मौके पर बुलाकर बाल विवाह रोकने में सहयोग की अपील की गई।




