ड्यूटी के दौरान 37 वर्षीय सुरक्षा गार्ड की संदिग्ध मौत से सिडकुल में सनसनी, शव रखकर परिजनों ने फैक्ट्री गेट पर किया बवाल, विधायक शिव अरोरा मौके पर पहुंचे और मुआवजे की उठी मांग

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रुद्रपुर। सिडकुल स्थित शानू इंटरप्राइजेज फैक्ट्री में सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात 37 वर्षीय पिंटू राठौर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मूलरूप से रामपुर जिले के तितर वाली पाखड़ टीन निवासी पिंटू राठौर अपने परिवार के साथ ट्रांजिट कैंप वार्ड नंबर दो, कृष्णा कालोनी में रहते थे।

 

जानकारी के अनुसार, बीते 10 दिसंबर की सुबह ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। फैक्ट्री कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें रुद्रपुर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी स्थिति गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया। लेकिन परिजन उन्हें पहले रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल ले गए। हालत में कोई सुधार न होने पर परिजन उन्हें बरेली स्थित नवोदय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां भी डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद परिजन उन्हें दोबारा रुद्रपुर जिला अस्पताल लाए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 

मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी पर थानाध्यक्ष ट्रांजिट कैंप मोहन पांडे मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

 

पिंटू राठौर अपने पीछे दिव्यांग पत्नी, चार वर्षीय बेटी और तीन वर्षीय पुत्र को रोते-बिलखते छोड़ गए हैं। परिवार इस अचानक हुए हादसे से गहरे सदमे में है।

 

इधर, मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में खासी नाराजगी देखने को मिली। गुस्साए परिजनों ने शव को कंपनी गेट पर रखकर प्रदर्शन किया और फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की। मौके पर पहुंचे विधायक शिव अरोरा ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।

 

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

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