मंदिर पर लगे लाल निशान से ग्रामीणों में आक्रोश, रामनगर गांव निवासियों ने कलेक्ट्रेट के बाहर किया प्रदर्शन

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किच्छा रोड स्थित रामनगर गांव के प्राचीन शिव मंदिर को एनएच 74 के चौड़ीकरण के तहत हटाये जाने की कोशिश के खिलाफ क्षेत्रवासियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

 

ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर पर अतिक्रमण के नाम पर लाल निशान लगाये गये हैं, जबकि साल 2016 में एनएच निर्माण के दौरान मंदिर की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच समझौता हुआ था। उस समय तय हुआ था कि मंदिर की बाउंड्री से 14 फीट की सर्विस लाइन रखी जाएगी और मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया जाएगा।

 

ग्रामीण और कांग्रेस नेता किन्नू शुक्ला का कहना है कि अब एनएच चौड़ीकरण के कार्य में उस समझौते को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। उनका कहना है कि सर्विस लेन का निर्माण मंदिर की जमीन में आ रहा है और इसके लिए निशान भी लगाये गये हैं।

 

प्रदर्शनकारियों ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में पूर्व समझौते के अनुसार निर्माण कार्य करने और मंदिर को सुरक्षित रखने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने उनकी मांग नहीं मानी, तो वे और बड़े आंदोलन पर मजबूर होंगे।

 

ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर केवल धार्मिक महत्व ही नहीं रखता, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का भी प्रतीक है। इस विवाद को लेकर जिला प्रशासन ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन स्थानीय लोगों का विरोध प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

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