खटीमा में शुक्रवार देर रात एक युवक की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। घटना के विरोध में शनिवार को हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान एक दुकान में आग लगा दी गई, जबकि कई वाहनों और दुकानों में तोड़फोड़ का प्रयास भी किया गया। पुलिस की सख्ती से हालात और बिगड़ने से पहले ही नियंत्रण में आ गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने खटीमा शहर में बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत चार से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है। शहर में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी की तैनाती कर दी गई है। आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया।
घटना शुक्रवार रात करीब 10 बजे खटीमा रोडवेज स्टेशन की है, जहां पुरानी रंजिश को लेकर दो गुटों के बीच पहले बहस और फिर मारपीट हो गई। विवाद चाकूबाजी में बदल गया, जिसमें 24 वर्षीय तुषार शर्मा (पुत्र मनोज शर्मा), 23 वर्षीय सलमान (पुत्र शब्बू, निवासी पकड़िया) और 21 वर्षीय अभय (पुत्र कन्हैया लाल) गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उप जिला चिकित्सालय खटीमा ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान तुषार शर्मा की मौत हो गई। तुषार पीलीभीत रोड स्थित एक ट्रांसपोर्ट में कार्यरत था। अन्य दो घायलों को हायर सेंटर रेफर किया गया है, जिनमें सलमान की हालत गंभीर बनी हुई है।
तुषार की मौत की खबर फैलते ही शहर में आक्रोश फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने बाजार बंद कराकर विरोध जताया। पुलिस ने जुलूस निकाल रहे युवकों को नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। फिलहाल शहर में हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।
मुख्य चौक, रोडवेज बस अड्डा सहित संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात है। आसपास के थानों से भी अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई है। एसडीएम तुषार सैनी और पुलिस क्षेत्राधिकारी विमल रावत ने शहर में फ्लैग मार्च कर स्थिति का जायजा लिया।
एसडीएम तुषार सैनी ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। वहीं, सीओ विमल रावत ने बताया कि चाकूबाजी की घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



