किच्छा रोड स्थित एक भूखंड को लेकर उपजा विवाद अब कानूनी और राजनीतिक मोड़ लेता नजर आ रहा है। मामले में केपी गंगवार ने विधायक शिव अरोड़ा को मानहानि का लीगल नोटिस भेजते हुए लिखित माफी की मांग की है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा में माफी नहीं मांगी गई तो मानहानि से जुड़ा एक और मुकदमा दायर किया जाएगा।
केपी गंगवार की ओर से भेजे गए नोटिस में आरोप लगाया गया है कि 21 दिसंबर 2025 को विधायक शिव अरोड़ा अपने समर्थकों के साथ संबंधित भूखंड पर पहुंचे और वहां अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास किया गया। आरोप है कि इस दौरान चंद्र देव मंदिर के नीचे बने कमरे में भी जबरन प्रवेश किया गया। घटना के दौरान भाईचारा एकता मंच की सचिव काजल गंगवार के साथ मारपीट किए जाने तथा मंदिर में रह रहे पुजारी के साथ भी अभद्रता का आरोप लगाया गया है।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि विधायक द्वारा सार्वजनिक मंच और मीडिया के माध्यम से केपी गंगवार के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे उनकी सामाजिक छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है। गंगवार पक्ष का कहना है कि पूरा मामला न्यायालय के आदेशों की अवहेलना से जुड़ा है, जिसकी शिकायत पहले ही संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज है और सभी की निगाहें आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।



