नई दिल्ली/नैनीताल। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग को बड़ा झटका देते हुए डबल वोटर लिस्ट मामले में दायर उसकी याचिका को खारिज कर दिया। साथ ही आयोग पर ₹2 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।
मालूम हो कि 11 जुलाई 2025 को नैनीताल हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी कर निर्वाचन आयोग के उस परिपत्र पर रोक लगा दी थी, जिसमें दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होने वाले प्रत्याशियों को पंचायत चुनाव लड़ने और मतदान करने की अनुमति दी गई थी। हाईकोर्ट ने इसे पंचायती राज अधिनियम 2016 की धारा 9(6) और 9(7) का उल्लंघन बताया था।
इसी आदेश को चुनौती देते हुए राज्य निर्वाचन आयोग सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। लेकिन 26 सितम्बर को न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने आयोग की याचिका सुनने से इनकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि यह परिपत्र वैधानिक प्रावधानों के विपरीत है और कानून साफ तौर पर किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों या मतदाता सूचियों में दर्ज करने पर रोक लगाता है।
सुप्रीम कोर्ट ने यहां तक सवाल उठाया कि आयोग ने वैधानिक प्रावधान के खिलाफ परिपत्र जारी ही कैसे कर दिया। अदालत ने कहा कि इस तरह का स्पष्टीकरण प्रथम दृष्टया अधिनियम की भावना के विपरीत प्रतीत होता है।
गौरतलब है कि इसी साल जुलाई में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कई विवादों के चलते सुर्खियों में रहे। विशेषकर डबल वोटर लिस्ट वाले प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने, नामांकन रद्दीकरण, आरक्षण प्रस्ताव पर रोक और चुनावी वबाल ने इस चुनाव को लगातार चर्चा में बनाए रखा।




