रुद्रपुर। अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र ने जिला खाद्य सुरक्षा समिति की त्रैमासिक बैठक में कहा कि जनता को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित जांच और सैम्पलिंग बढ़ाई जाएगी, ताकि मिलावटी व असुरक्षित खाद्य पदार्थों पर पूर्ण रोक लग सके।
उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि दूध, पनीर, खोया, घी व तेल की विशेष सैंपलिंग की जाए। साथ ही त्योहारों को देखते हुए अभियान चलाकर छापेमारी की जाए और अधोमानक खाद्य पदार्थ मिलने पर कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि बाहर से जिले में आने वाले मिलावटी खाद्य पदार्थों पर भी अंकुश लगाया जाए।
एडीएम ने जागरूकता पर जोर देते हुए कहा कि पोस्टर, बैनर, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए जनता को सजग किया जाए और खाद्य सुरक्षा एप व टोल फ्री नंबर 1800112100 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि लोग शिकायत दर्ज करा सकें।
खाद्य सुरक्षा अभिहित अधिकारी डॉ. प्रकाश फुलारा ने बताया कि त्रैमास में 58 सैंपल लिए गए, जिनमें 7 असुरक्षित और 1 अधोमानक पाया गया। 2021 से अब तक 1155 सैंपल जांचे गए, जिनमें 205 फेल हुए और 52 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
बैठक में एसीएमओ डॉ. हरेन्द्र मलिक, डॉ. अर्चना कुशवाहा, डीपीओ मुकुल चौधरी, विनोद तिवारी सहित समिति सदस्य व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



