एसटीएफ का साइबर ठगों पर शिकंजा: गदरपुर से गिरफ्तार आरोपी, 24.70 लाख की ऑनलाइन ट्रेडिंग ठगी का खुलासा, करोड़ों के लेनदेन की जांच तेज

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ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 24.70 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर साइबर आरोपी को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना कुमाऊं परिक्षेत्र, रुद्रपुर की टीम ने आरोपी मलकीत सिंह (36 वर्ष) निवासी ग्राम बमनपुरी बकेनिया, थाना गदरपुर, जिला ऊधम सिंह नगर को उसके घर से दबोचा।

यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड दीपम सेठ के निर्देशन तथा पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ/साइबर नीलेश आनंद भरणे के पर्यवेक्षण में की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि उधम सिंह नगर निवासी एक पीड़ित ने दिसंबर 2025 में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उसे व्हाट्सएप पर ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़े संदेश प्राप्त हुए, जिसमें स्वयं को Hantec Market Trading Company का प्रतिनिधि बताकर शेयर ट्रेडिंग में निवेश पर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा दिया गया।

पीड़ित को अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुपों में जोड़ा गया, जहां पहले से मौजूद सदस्य लाखों रुपये के मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट साझा कर रहे थे। भरोसा बढ़ने पर पीड़ित ने अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच विभिन्न बैंक खातों में करीब 24.70 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसे पता चला कि यह पूरा खेल साइबर ठगी का था।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना कुमाऊं पुलिस ने तकनीकी और डिजिटल साक्ष्य जुटाए। बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप डाटा और अन्य डिजिटल ट्रेल का विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी के बैंक खातों में महज चार से पांच महीनों के भीतर करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है। देश के कई राज्यों में भी इन खातों के खिलाफ साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।

पुलिस टीम ने सटीक लोकेशन ट्रेस कर आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, डेबिट कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, विभिन्न बैंकों की पासबुक और चेकबुक, एसबीआई के तीन चेक तथा 830 रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस का मानना है कि आरोपी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है और पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

अपराध का तरीका बेहद सुनियोजित था। पहले सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया जाता, फिर फर्जी ट्रेडिंग एप्लीकेशन में निवेश की गई रकम पर भारी मुनाफा दिखाया जाता था। पीड़ित को विश्वास दिलाया जाता कि उसका पैसा तेजी से बढ़ रहा है, जबकि वास्तविकता में रकम अलग-अलग खातों में घुमाकर निकाल ली जाती थी।

एसटीएफ प्रमुख अजय सिंह ने जनता से अपील की है कि किसी भी फर्जी निवेश योजना, यूट्यूब लाइक/सब्सक्राइब ऑफर, टेलीग्राम ट्रेडिंग ग्रुप या धनराशि दोगुनी करने के झांसे में न आएं। किसी भी प्रकार की वित्तीय साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

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