हरिद्वार। रानीपुर कोतवाली पुलिस ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए सॉल्वर गैंग के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी एक निजी स्कूल का प्रिंसिपल बताया जा रहा है, जिसने छात्र-छात्राओं की जगह दूसरे अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाने की साजिश रची थी।
घटना 24 फरवरी की है, जब उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड की हिंदी विषय की परीक्षा आयोजित थी। राजकीय इंटर कॉलेज सलेमपुर में कक्ष निरीक्षकों ने जांच के दौरान कुछ अभ्यर्थियों की पहचान पर संदेह होने पर सख्ती दिखाई। जांच में खुलासा हुआ कि आठ परीक्षार्थियों में से चार छात्र और चार छात्राओं की जगह दूसरे युवक-युवतियां परीक्षा देने पहुंचे थे।
कॉलेज के प्रिंसिपल चंद्र द्विवेदी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मौके से तीन युवक और चार युवतियों को हिरासत में लेकर उनके पास से फर्जी प्रवेश पत्र बरामद किए थे, जबकि एक आरोपी फरार हो गया था।
कोतवाली प्रभारी आशुतोष सिंह राणा के नेतृत्व में की गई जांच में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में चंगेज अंसारी पुत्र जहीर अंसारी, निवासी ज्वालापुर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने स्वयं को अल्मोडिया इस्लामिक हाईस्कूल का प्रिंसिपल बताया। आरोपी ‘द सक्सेज प्वॉइंट’ नाम से सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ऑनलाइन कोचिंग चलाता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक छात्रा के परिजनों से परीक्षा पास कराने के नाम पर 12 हजार रुपये लिए और फर्जी प्रवेश पत्र तैयार कर सॉल्वर बैठाया। कक्ष निरीक्षकों की सतर्कता से पूरे रैकेट का भंडाफोड़ हो गया।
पुलिस ने आरोपी को धोखाधड़ी, कूट रचना और सार्वजनिक परीक्षा में प्रतिरूपण कराने के आरोप में गिरफ्तार कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।


