उत्तराखण्ड शासन के पेयजल सचिव शैलेश बगौली ने शनिवार को ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर और गदरपुर ब्लॉक के अंतर्गत संचालित विभिन्न पेयजल योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने योजनाओं की गुणवत्ता, क्रियाशील नल कनेक्शनों (FHTC) की स्थिति और जल आपूर्ति की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया।
दानपुर, रायपुर और सरोवरनगर योजनाएं संतोषजनक
दानपुर, रायपुर और सरोवरनगर ग्राम पेयजल योजनाओं में नलकूप, जलाशय और वितरण व्यवस्था की गुणवत्ता अच्छी पाई गई। तीनों योजनाओं के अंतर्गत कुल 1,367 परिवारों को एफएचटीसी कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। निरीक्षण के दौरान सचिव ने कई घरों में जल दबाव, आपूर्ति समय और गुणवत्ता की व्यक्तिगत तौर पर जानकारी ली।
रायपुर में पाइपलाइन लीकेज की शिकायत पर उन्होंने अधिशासी अभियंता को एक सप्ताह में समस्या के निराकरण और रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिए। वहीं सरोवरनगर में 25 परिवारों द्वारा कनेक्शन न लेने की जानकारी पर सचिव ने विशेष जागरूकता अभियान चलाने को कहा, ताकि एक माह के भीतर कार्य पूर्ण हो सके।
AMRUT-I योजना पर सख्त रुख
सचिव बगौली ने AMRUT-I योजना की समीक्षा में कार्यों की धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने जल कनेक्शन से वंचित शहरी परिवारों को जोड़ने के लिए नगर निकायों के साथ समन्वय कर विशेष जनजागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया।
एफएसटीपी निरीक्षण और सुझाव
सचिव ने रुद्रपुर स्थित 25 केएलडी क्षमता वाले फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संचालन की सराहना करते हुए निर्देशित किया कि शहर की जनसंख्या और स्लज उत्पादन के अनुरूप वास्तविक ट्रीटमेंट आंकड़ों की तुलना कर आवश्यक सुधार किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता बिशन कुमार सहित विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।




