रुद्रपुर (उधम सिंह नगर): मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, रुद्रपुर ने वर्ष 2022 में हुई एक दुखद सड़क दुर्घटना के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। न्यायालय ने पीड़िता उमा पन्तोला को 20,49,824 रुपये (बीस लाख उनपचास हजार आठ सौ चौबीस रुपये) का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
क्या था मामला?
यह मामला 7 जुलाई 2022 का है, जब बाजपुर निवासी लीलाधर पन्तोला अपनी स्कूटी (UK-18-L-9672) से मंडी से घर लौट रहे थे। सुबह करीब 11:40 बजे गरिमा हॉस्पिटल के पास एक अनियंत्रित ट्रक (UP-20 AT-3915) ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में लीलाधर गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
न्यायालय का फैसला
द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश मीना देउपा ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि दुर्घटना ट्रक चालक की लापरवाही के कारण हुई थी। न्यायालय ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह एक माह के भीतर मुआवजे की राशि अधिकरण में जमा करे। इस राशि पर याचिका दायर करने की तिथि से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा।
बीमा कंपनी को मिली रिकवरी की छूट
सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि दुर्घटना के समय ट्रक का ‘ऑथराइजेशन’ पत्र वैध नहीं था, जो बीमा शर्तों का उल्लंघन है। इस आधार पर न्यायालय ने बीमा कंपनी को ‘पे एंड रिकवर’ (Pay and Recover) का अधिकार दिया है। इसका अर्थ है कि कंपनी पहले पीड़िता को मुआवजे का भुगतान करेगी और बाद में यह राशि ट्रक मालिक आमिर हुसैन से वसूल सकेगी।
मृतक लीलाधर पन्तोला की पत्नी उमा पन्तोला ने इस न्याय के लिए 2022 में याचिका दायर की थी।




