रुद्रपुर में जंगल की आग से निपटने की बड़ी तैयारी, संजय वन में 141 अधिकारियों के साथ हाईटेक वनाग्नि मॉक ड्रिल, 20 मिनट में पहुंची फायर टीम

Share the news

जंगलों में आग की घटनाओं से निपटने के लिए जिला स्तरीय वनाग्नि मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। बुधवार को ऊधमसिंहनगर के टांडा रेंज अंतर्गत संजय वन में वन विभाग की ओर से जिला स्तरीय वनाग्नि मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य जंगल में आग लगने की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और रिस्पॉन्स टाइम का आकलन करना था। ड्रिल के दौरान वन विभाग के मास्टर कंट्रोल रूम, आपदा कंट्रोल रूम और पुलिस की डीसीआर के बीच वॉयस लेस कम्युनिकेशन के माध्यम से सूचना का आदान-प्रदान किया गया। जैसे ही आग की काल्पनिक सूचना मास्टर कंट्रोल से जारी हुई, वह आपदा कंट्रोल रूम और फिर पुलिस डीसीआर तक पहुंची। पुलिस द्वारा फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई और मात्र 20 मिनट के भीतर फायर कर्मी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को भी अलर्ट किया गया।

 

मॉक ड्रिल में कुल 141 अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे, जिनमें राजस्व, पुलिस, फायर ब्रिगेड, पशुपालन, सिंचाई विभाग, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौजूद रहीं। स्टेजिंग एरिया संजय वन में बनाया गया, जहां वनक्षेत्राधिकारी ललित जोशी ने स्टेजिंग एरिया मैनेजर की भूमिका निभाई। वहीं धीमरी ब्लॉक के प्लॉट संख्या 55 को इंसीडेंट एरिया बनाया गया, जहां पूरण चंद्र जोशी ने इंसीडेंट कमांडर की जिम्मेदारी संभाली।

ड्रिल में आधुनिक संसाधनों जैसे ब्लोअर, फायर रेक, मोबाइल ऐप आधारित फायर अलर्ट सिस्टम, अग्निरोधक झपाटा, दरांती, कुल्हाड़ी, बैकपैक स्प्रेयर और पोर्टेबल वाटर पंप का प्रयोग किया गया। टीम ने फुर्ती दिखाते हुए आग पर काबू पाने के साथ-साथ घायलों का तत्काल रेस्क्यू भी किया।

 

इस दौरान प्रभागीय वनाधिकारी यू.सी. तिवारी, एसडीओ शशि देव, एसडीओ मनिंदर कौर, एनडीआरएफ कमांडेंट संतोष, एसडीआरएफ से अर्जुन सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी निशांत कटारिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल नमी का मौसम होने के कारण कंट्रोल बर्निंग शुरू नहीं की जाएगी। गर्मी के मौसम में आवश्यकता अनुसार कंट्रोल बर्निंग की जाएगी।

कुल मिलाकर यह मॉक ड्रिल जंगल की आग से निपटने की तैयारियों की एक बड़ी कवायद रही, जिसमें समन्वय और त्वरित कार्रवाई पर विशेष जोर दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *