रुद्रपुर, संवाददाता। रिटायर्ड कोऑपरेटिव बैंक कर्मी से डिजिटल अरेस्ट कर 27 लाख की ठगी हो गई। आरोपियों ने खुद को मुंबई साइबर क्राइम विभाग का अधिकारी बताकर पीड़ित पर मनी लॉन्ड्रिंग का झूठा केस बनाया और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया। घबराए पीड़ित ने अपनी जमा पूंजी ठगों के बताए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन रुद्रपुर में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, नैनीताल जनपद के कालाढूंगी निवासी 66 वर्षीय लोकमणी नोडियाल पुत्र ईश्वरी दत्त नोडियाल कोऑपरेटिव बैंक से रिटायर्ड हैं। 30 अगस्त को एक अज्ञात नंबर से व्हॉट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई साइबर क्राइम विभाग का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम पर चल रहे एक मोबाइल नंबर से अश्लील वीडियो भेजे जा रहे हैं और इस संबंध में 17 शिकायतें दर्ज हैं। ठगों ने नोडियाल को डराया कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस है और कोर्ट से अरेस्ट वारंट जारी हो चुका है। इसी बीच, ठगों ने व्हॉट्सएप पर फर्जी वारंट और बैंक कार्ड की फोटो भी भेजी और उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ का हवाला देकर लगातार कॉल पर व्यस्त रहने के निर्देश दिए। इसके बाद 1 सितंबर को आरोपियों ने पीड़ित के नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक खाते से 27 लाख रुपये एक निजी बैंक खाते में ट्रांसफर कराए। जब ठगों ने और पैसे की मांग की तो नोडियाल को शक हुआ और उन्होंने तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित बैंक खातों को ट्रैक किया जा रहा है।




