रुद्रपुर: भाजपा में बयानबाजी से बढ़ी अंदरूनी हलचल, नामधारी-कंबोज के बयान पर सख्त रुख
रुद्रपुर। अनुशासन के लिए जानी जाने वाली भाजपा में इन दिनों बयानबाजी ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। चुनावी माहौल के बीच पार्टी के कुछ नेताओं के बयान संगठन के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहे हैं।
बुधवार को अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव सिंह नामधारी और गदरपुर पालिका के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कंबोज ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडे पर तीखा सियासी हमला बोला। दोनों नेताओं ने दावा किया कि अरविंद पांडे को जल्द ही पार्टी से निष्कासित किया जाएगा। इस बयान के बाद भाजपा खेमे में हलचल मच गई है और सवाल उठने लगे हैं कि दोनों नेताओं ने यह बयान किस अधिकार से दिया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा बयान दिया गया है तो यह अनुशासनहीनता है और इसकी जांच कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
उधर, विधायक अरविंद पांडे पहले से ही अपनी ही सरकार में मुखर रुख के चलते चर्चा में बने हुए हैं। कई मुद्दों पर खुलकर बयान देने से सरकार असहज होती रही है। हाल ही में स्थानीय प्रशासन द्वारा उन्हें एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उनके कार्यालय स्थल को अतिक्रमण बताते हुए 15 दिन के भीतर हटाने के निर्देश दिए गए थे। चेतावनी दी गई थी कि निर्धारित समय में अतिक्रमण न हटाने पर प्रशासन कार्रवाई करेगा।
इस घटनाक्रम के बाद भाजपा की अंदरूनी खींचतान और तेज हो गई है। अरविंद पांडे के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख एवं सांसद अनिल बलूनी और हरिद्वार विधायक मदन कौशिक समेत कई दिग्गज नेताओं ने गदरपुर पहुंचने की घोषणा कर सियासी सरगर्मी और बढ़ा दी है।
कुल मिलाकर, बयानबाजी और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच भाजपा की अंदरूनी राजनीति खुलकर सामने आ रही है, जिससे चुनावी माहौल में पार्टी की रणनीति पर भी सवाल उठने लगे हैं।



