उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राजधानी देहरादून सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। राज्यभर में मौतों का आंकड़ा 15 तक पहुंच गया है, जबकि 16 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
सबसे दर्दनाक हादसा प्रेमनगर थाना क्षेत्र में हुआ, जहां टोंस नदी के बीच फंसे ट्रैक्टर-ट्रॉली सवार मजदूर तेज बहाव में बह गए। इस हादसे में चार महिलाओं समेत आठ लोगों के शव बरामद हुए हैं। इसके अलावा DIT कॉलेज के पास दीवार गिरने से लापता छात्र का शव भी मिल गया। सहस्त्रधारा में तीन लोगों की मौत हुई है और मसूरी में एक मजदूर की जान गई है।
बारिश के कारण मालदेवता और सहस्त्रधारा इलाके में सबसे ज्यादा तबाही मची है। रिस्पना और बिंदाल नदियां उफान पर हैं और किनारे बने घरों में खतरा मंडरा रहा है। देहरादून-हरिद्वार हाईवे भी नेपाली फार्म और डोईवाला के बीच क्षतिग्रस्त हो गया है।
आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार अब तक करीब 900 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। पिथौरागढ़ और नैनीताल में भी एक-एक मौत दर्ज हुई है। बारिश का सिलसिला जारी रहने से नुकसान और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।



