रुद्रपुर। जिला पंचायत सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में जनप्रतिनिधियों का गुस्सा खुलकर सामने आया। स्कूलों की जर्जर हालत, बिजली कनेक्शन, पेयजल संकट और भूकटाव जैसी समस्याओं को लेकर सदस्यों ने अधिकारियों को जमकर घेरा। बैठक में कई विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी कड़ी नाराजगी जताई गई।
बैठक निर्धारित समय सुबह 11 बजे प्रारंभ हुई। अपर मुख्य अधिकारी गणेश कुमार भट्ट ने एजेंडा प्रस्तुत किया, जिसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य ने बैठक की कार्यवाही संचालित की। बैठक के दौरान सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को विस्तार से रखा और विभागीय उदासीनता पर सवाल उठाए।
सदस्यों ने कहा कि कई स्कूल भवन जर्जर अवस्था में हैं, जिनसे बच्चों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कनेक्शन न मिलने और पेयजल लाइनों की खराब स्थिति से जनता परेशान है। भूकटाव की समस्या भी कई इलाकों में गंभीर रूप ले चुकी है। आरोप लगाया गया कि शिकायतों के बावजूद संबंधित विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
जसपुर से जिला पंचायत सदस्य चरणजीत सिंह ने उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना स्वामित्व प्रमाण पत्र के बिजली कनेक्शन देने से इनकार किया जा रहा है, जबकि पहले से लगे कनेक्शनों पर विजिलेंस कार्रवाई की जा रही है।
बैठक में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठे। इस पर अध्यक्ष अजय मौर्य ने स्पष्ट किया कि दोनों अधिकारी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि अगली बैठक में सभी अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
अध्यक्ष ने कहा कि बैठक में उठाई गई समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा तथा अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।




