रुद्रपुर, संवाददाता। प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना (पीएमएमवीवाई) के पंजीकरण लक्ष्य में जिले का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी मुकुल चौधरी ने अगस्त माह के लिए सभी सीडीपीओ और सुपरवाइजरों का वेतन रोक दिया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि आगामी समय में भी कार्य में लापरवाही बरती गई तो भविष्य में भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिले को प्रथम बालिका के 14,405 और द्वितीय बालिका के 4,867 पंजीकरण का लक्ष्य मिला है, लेकिन अब तक केवल 3,568 प्रथम बालिका और 1,082 द्वितीय बालिका पंजीकरण ही हो पाए हैं। यह क्रमशः 24.8 और 22.2 प्रतिशत की प्रगति दर्शाता है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के आंकड़ों से साफ है कि रुद्रपुर ग्रामीण, जसपुर ग्रामीण-शहरी और गदरपुर परियोजनाएं सबसे ज्यादा पिछड़ रही हैं। रुद्रपुर ग्रामीण में प्रथम बालिका पंजीकरण केवल 19.3 और द्वितीय बालिका 16.5 प्रतिशत तक ही सीमित है। जसपुर ग्रामीण में यह आंकड़ा 18.2 और 18.1 प्रतिशत रहा। वहीं बाजपुर और काशीपुर शहरी क्षेत्र ने अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति दर्ज की है। बाजपुर में प्रथम बालिका पंजीकरण 28.4 और द्वितीय बालिका 26.7 प्रतिशत रहा, जबकि काशीपुर शहरी क्षेत्र 28 और 30.3 प्रतिशत तक पहुंच गया।
हालांकि इन प्रगति प्रतिशतों को भी संतोषजनक नहीं माना जा सकता। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने परियोजना अधिकारियों व सुपरवाइजरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पंजीकरण अभियान में तेजी लाएं और समयबद्ध तरीके से लक्ष्य हासिल करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।



