तहसील प्रशासन की ओर से कैंप कार्यालय हटाने के नोटिस के बाद भाजपा विधायक अरविंद पांडे का तीखा बयान सामने आया है। विधायक ने प्रशासन की कार्रवाई को लेकर अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मंगलवार देर शाम तहसील प्रशासन ने विधायक अरविंद पांडे के आवास स्थित कैंप कार्यालय पर नोटिस चस्पा किया था। नोटिस में 15 दिनों के भीतर कैंप कार्यालय हटाने के निर्देश दिए गए हैं। जिस समय नोटिस चस्पा किया गया, उस वक्त विधायक घर पर मौजूद नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति में उनके बेटे अतुल पांडे ने नोटिस रिसीव किया। नोटिस की जानकारी मिलते ही विधायक अरविंद पांडे के आवास पर समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। समर्थकों ने अपनी ही सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
अरविंद पांडे (प्रमुख):
“नायक दुश्मनों को मारता है और खलनायक अपनों को मारता है। मेरे आवास के पास जो टिन शेड बनाया गया है, वह राहगीरों की सुविधा के लिए था। अगर कोई कानूनी कार्रवाई करनी है तो नियमों के तहत की जाए, लेकिन तराई क्षेत्र में सालों से बसे लोगों पर अन्यायपूर्ण कार्रवाई किसी भी सूरत में नहीं होने दी जाएगी।”
विधायक के इस बयान के बाद मामला राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है। समर्थकों का कहना है कि कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण है, जबकि प्रशासन इसे नियमों के तहत की गई प्रक्रिया बता रहा है।
अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम और विधायक की प्रतिक्रिया पर टिकी है। तय समय सीमा में क्या फैसला होता है, यह देखना अहम होगा।




