रूद्रपुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए करोड़ी की ठगी करने वाले शातिर मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान रोहित सोनी पुत्र सुनील सोनी निवासी इन्द्रा नगर, थाटीपुर, ग्वालियर (मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है। बुधवार शाम पुलिस टीम ने उसे कोर्ट के पास नैनीताल रोड, रूद्रपुर से दबोचा। गिरफ्तारी शाम करीब 4:50 बजे हुई। आरोपी पर पहले से ही 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और न्यायालय द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।
मामला कैसे खुला?
पूरे प्रकरण की शुरुआत 19 मई 2025 को हुई, जब शांति कॉलोनी, रूद्रपुर निवासी हरबंस लाल ने अपने बैंक खाते से 54,999 रुपये निकाले जाने की शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि यह रकम भारतीय स्टेट बैंक, किच्छा रोड शाखा से म्यूल खातों के जरिए गायब की गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर अपराधियों की तलाश तेज की।
पहले ही कई गिरफ्तारियां
जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही अजय सैनी, मनोज सैनी, पुष्पेन्द्र, सत्यपाल, विशुराज, रितिक और शेरु चौहान को गिरफ्तार कर लिया था। इनके कब्जे से 06 मोबाइल फोन, 12 एटीएम कार्ड, 13 चेकबुक, 21 भरे हुए चेक, 04 पासबुक, 02 क्यूआर स्कैनर, 01 डोंगल, 01 डायरी सहित आधार और पैन कार्ड बरामद किए गए थे। जांच में साफ हुआ कि गिरोह बड़े पैमाने पर म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी को अंजाम देता था।
गिरोह का नेटवर्क
यह साइबर गैंग संगठित तरीके से काम करता था। आरोपी भोले-भाले लोगों से खाता खुलवाकर या लालच देकर बैंक दस्तावेज हासिल कर लेते और फिर उन्हीं खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को घुमाने और निकालने में करते थे। इस तरीके से पुलिस और बैंकिंग सिस्टम की निगरानी से बचा जा सके। गिरोह का नेटवर्क उत्तराखंड के अलावा मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है। गिरफ्तार आरोपी रोहित सोनी पर भी इन राज्यों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
इनामी आरोपी की गिरफ्तारी
रोहित सोनी घटना के बाद से फरार चल रहा था और उसकी तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही थी। आखिरकार रूद्रपुर पुलिस ने उसे नैनीताल रोड से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर संगठित साइबर ठगी की घटनाएं कीं।
एसएसपी का बयान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने गिरफ्तारी को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा – “रोहित सोनी की गिरफ्तारी से संगठित साइबर अपराध को बड़ा झटका लगा है। आरोपी म्यूल खातों के जरिए करोड़ी की ठगी में शामिल था और कई राज्यों में वांछित था। पुलिस टीम की कड़ी मेहनत से यह सफलता मिली है। आमजन सतर्क रहें और अपने बैंक दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न सौंपें। पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का इनाम दिया जा रहा है।”
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब इस गैंग से जुड़े अन्य फरार सदस्यों की तलाश में दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी कई मामलों का खुलासा हो सकता है।