रुद्रपुर/अल्मोड़ा। कुमाऊं में एक और बड़ा साइबर फ्रॉड मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर अल्मोड़ा निवासी एक व्यक्ति से 1 करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक की रकम हड़प ली। पीड़ित की तहरीर पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं रुद्रपुर ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित के अनुसार, 4 अगस्त 2025 को उसके फोन पर एक अज्ञात महिला की व्हाट्सऐप कॉल आई, जिसे उसने रिसीव नहीं किया। बाद में उसी नंबर से चैटिंग के जरिए महिला ने संपर्क किया और खुद को मुंबई निवासी बताकर “गोल्ड माइनिंग” तथा “फॉरेक्स ट्रेडिंग” कंपनी Golden Bridge Investment की प्रतिनिधि बताया। महिला ने कंपनी की वेबसाइट www.centuryispro.in का लिंक भेजा और पीड़ित की ईमेल आईडी लेकर खुद ही उसका अकाउंट तैयार कर दिया।
इसके बाद महिला ने “कस्टमर सर्विस” के नाम पर कई बैंक खातों में निवेश करने के लिए रकम जमा कराने को कहा। तेज मुनाफा और तेजी से ग्रोथ दिखाते हुए पीड़ित को बार-बार रकम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। इस झांसे में फंसकर पीड़ित ने 4 अगस्त से 29 सितंबर 2025 तक अलग-अलग बैंक खातों में 40 हजार से लेकर 16 लाख रुपये तक के कई बड़े ट्रांजेक्शन किए। कुल मिलाकर ठगों ने उससे करोड़ों की रकम जमा करा ली।
पीड़ित का कहना है कि जब उसने अपनी राशि वापस लेने की कोशिश की तो ठगों ने कहा कि उसका पैसा “गोल्ड माइनिंग में निवेशित” है और उसे वापस पाने के लिए पहले 30 प्रतिशत इनकम टैक्स जमा करना होगा। इस पर उसने 7 अक्टूबर से 12 अक्टूबर के बीच 37 लाख से अधिक की रकम ‘टैक्स’ के नाम पर भी भेज दी। इसके बाद भी जब राशि वापस नहीं मिली तो ठगों ने 18 प्रतिशत GST की मांग कर दी। तब जाकर पीड़ित को धोखाधड़ी का शक हुआ।
पीड़ित ने बताया कि इसी अवधि में उसके भारतीय स्टेट बैंक खाते में ठगों द्वारा कई संदिग्ध रकम भी भेजी गई, जिसे बाद में निवेश प्रक्रिया के नाम पर दोबारा ट्रांसफर कराया गया। यह भी फर्जी लेनदेन का हिस्सा था, जिससे पीड़ित को भरोसा दिलाया जा सके।
रकम अलग-अलग तिथियों पर पीड़ित के और उसके परिजनों के बैंक खातों—एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा और जिला सहकारी बैंक—से स्थानांतरित की गई। पीड़ित ने मामले की शिकायत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी की थी, जिसका क्रमांक 33511250020448 व 33511250020468 दर्ज है।
तहरीर में पीड़ित ने कहा कि महिला और उसके साथियों ने कंप्यूटर संसाधनों का दुरुपयोग करते हुए फर्जी कंपनी के नाम पर ट्रेडिंग और गोल्ड माइनिंग में निवेश का लालच देकर उससे 1,18,28,672 रुपये की ठगी की। साइबर पुलिस ने तहरीर को सीसीटीएनएस पर दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की ठगी में विदेशी सर्वर, फर्जी वेबसाइट और मनी म्यूल खातों का इस्तेमाल आम है, इसलिए जांच में बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, ईमेल आईडी व ट्रांजेक्शन चैनल को खंगाला जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान निवेश लिंक या कॉल पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज करें।



