नैनीताल। हल्द्वानी हिंसा प्रकरण के मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक को फिलहाल राहत नहीं मिल सकी है। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने गुरुवार को उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी, जबकि उसके बेटे अब्दुल मोइद, चालक मोहम्मद जहीर और एक अन्य आरोपी मोहम्मद नाजिम को जमानत दे दी गई है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ में हुई। अदालत ने अब्दुल मलिक समेत नौ आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर विचार किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अब्दुल मलिक पर तीन मामलों में छह अभियोग दर्ज हैं, ऐसे में उसे फिलहाल जमानत नहीं दी जा सकती। अदालत ने उसकी याचिका पर दो सप्ताह बाद पुनः सुनवाई करने का आदेश दिया।
वहीं, अदालत ने पाया कि अब्दुल मोइद घटना के दिन मौके पर मौजूद नहीं था और वह दो वर्ष से जेल में बंद है, जिसके आधार पर उसकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली गई। इसी प्रकार, चालक मोहम्मद जहीर और मोहम्मद नाजिम को भी न्यायालय ने राहत देते हुए जमानत दे दी।
दूसरी ओर, तत्कालीन सभासद शकील अहमद को अदालत ने जमानत देने से इंकार कर दिया। सरकारी पक्ष ने दलील दी कि शकील अहमद का आपराधिक इतिहास है और उस पर दंगा सहित दो गंभीर मामले दर्ज हैं। अदालत ने बाकी आरोपियों की याचिकाएं समय सीमा से बाद में दाखिल होने के कारण खारिज कर दीं।
👉 न्यायालय ने स्पष्ट किया कि मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक की जमानत पर अंतिम निर्णय अब आगामी सुनवाई में लिया जाएगा।


