हरिद्वार जनपद के लक्सर तहसील में अधिवक्ता और लेखपाल के बीच हुआ विवाद अब बड़ा रूप ले चुका है। मारपीट के आरोपों के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। लेखपालों ने कार्य बहिष्कार कर तहसील परिसर में धरना शुरू कर दिया है, वहीं अधिवक्ताओं ने भी प्रदर्शन करते हुए संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और संपत्ति की जांच की मांग उठाई है।
मामले की शुरुआत आय प्रमाणपत्र के एक लंबित आवेदन से हुई। आरोप है कि शुक्रवार 20 फरवरी को आवेदक अपने अधिवक्ता बृजपाल सिंह के साथ प्रमाणपत्र की स्थिति जानने तहसील पहुंचे थे। इसी दौरान लेखपाल ऋषुराज और कानूनगो रमेश के साथ कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर पांच हजार रुपये की मांग की गई। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की गई, यहां तक कि लाइसेंसी रिवॉल्वर दिखाकर धमकाने का भी आरोप लगाया गया है। बीच-बचाव करने पहुंचे एक टाइपिस्ट के साथ भी अभद्रता किए जाने की बात कही गई है।
वहीं लेखपाल संघ का कहना है कि अधिवक्ता मनमानी रिपोर्ट लगवाने का दबाव बना रहे थे। गलत रिपोर्ट से इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई। संघ ने अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है।
दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर दी है। शनिवार को स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जब लेखपालों ने कार्य बहिष्कार कर धरना दिया और अधिवक्ताओं ने भी प्रदर्शन किया। उप जिलाधिकारी सौरभ असवाल ने कहा है कि दोनों पक्षों से वार्ता की जा रही है और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।



