काशीपुर। मजदूरी के लिए घर से निकले अधेड़ की सड़क हादसे में मौत हो गई। परिजनों को 14 घंटे बाद सड़क किनारे खाई में शव पड़ा मिला। आशंका जताई जा रही है कि समय पर इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
आईटीआई थाना क्षेत्र के ग्राम परमानंदपुर निवासी चंद्रपाल (55) पुत्र हुलासी राम मेहनत-मजदूरी करते थे। शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे वह रोज की तरह काम के लिए घर से निकले थे, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
रात करीब 10 बजे सूचना मिली कि बाजपुर रोड स्थित बल्ली ढाबा के पास सड़क किनारे खाई में एक शव पड़ा है। जब परिवार वहां पहुंचा, तो शव चंद्रपाल का ही निकला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अगर समय पर मदद मिलती, तो बच सकती थी जान
सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि सुबह एक स्कूटी सवार महिला को डंपर ने टक्कर मार दी थी। वहां मौजूद लोगों ने महिला को अस्पताल पहुंचा दिया, लेकिन उसी दौरान पैदल गुजर रहे चंद्रपाल भी उसी हादसे में वाहनों की चपेट में आकर खाई में गिर गए। राहगीरों का ध्यान उन पर नहीं गया, जिससे वह दिनभर घायलावस्था में पड़े रहे। माना जा रहा है कि यदि उन्हें समय पर इलाज मिल जाता, तो उनकी जान बच सकती थी।
पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद आरोपी डंपर चालक वाहन समेत फरार हो गया। अभी तक घटना की तहरीर नहीं मिली है, लेकिन पुलिस चालक की तलाश में जुटी हुई है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
चंद्रपाल अपने पीछे पत्नी सावित्री देवी, तीन बेटे अनूप (22), अरुण (18), ओमकार (14) और एक बेटी गरिमा (15) को बिलखता छोड़ गए हैं। उनकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।




