किच्छा के बहुचर्चित प्रॉपर्टी डीलर समीर अहमद हत्याकांड में न्याय की दिशा में बड़ा कदम सामने आया है। न्यायालय में चली लंबी सुनवाई और जिला शासकीय अधिवक्ता की सशक्त पैरवी के बाद इस सनसनीखेज मामले में पांच आरोपितों पर दोष सिद्ध हो गया है। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने तीन आरोपितों को पुलिस कस्टडी में लेने के आदेश दिए, जबकि शेष दो आरोपितों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी कर किच्छा पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि तीन मई 2018 को आदित्य चौक स्थित शर्मा ढाबे के बाहर दिनदहाड़े प्रॉपर्टी डीलर समीर अहमद की बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह मामला लंबे समय तक एक ब्लाइंड मर्डर बना रहा। शुरुआती जांच में नामजद आरोपितों की संलिप्तता सामने नहीं आ सकी थी, लेकिन तत्कालीन एसएसपी डॉ. सदानंद दाते के निर्देश पर की गई गहन विवेचना में पुलिस को अहम सुराग मिले।
सीसीटीवी फुटेज में बदमाश के हाथ में पहने कड़े के आधार पर पुलिस ने असली हत्यारों की पहचान की और पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस ने जसविंदर सिंह, अंग्रेज सिंह उर्फ रिंकू, गुरचरण सिंह उर्फ बंटी, सुखदेव सिंह उर्फ सुक्खा और प्रसन्नजीत सिंह उर्फ सन्नी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामले की सुनवाई एडीजे तृतीय मुकेश कुमार आर्या के न्यायालय में चल रही है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अनिल कुमार सिंह ने गवाहों को प्रभावी ढंग से पेश कर आरोपितों के खिलाफ दोष सिद्ध कराने में अहम भूमिका निभाई। गुरुवार को सुनवाई के दौरान न्यायालय में उपस्थित अंग्रेज सिंह उर्फ रिंकू, गुरचरण सिंह उर्फ बंटी और प्रसन्नजीत सिंह उर्फ सन्नी को पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। वहीं, अनुपस्थित जसविंदर सिंह और सुखदेव सिंह उर्फ सुक्खा के विरुद्ध वारंट जारी किए गए हैं।
पांचों दोष सिद्ध आरोपितों को सजा 22 दिसंबर को सुनाई जाएगी। हालांकि, इस मामले का मुख्य आरोपी रणदीप सिंह उर्फ राजा अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद वह मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था, लेकिन यूपी के पिलखुआ के पास पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। सात साल बीतने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। फरार घोषित राजा आज भी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।




