पंतनगर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की लंबित समस्याओं को लेकर किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ सोमवार सुबह गांधी पार्क में 24 घंटे के सांकेतिक धरने पर बैठ गए। विधायक ठीक 11 बजे पार्क पहुँचे, गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और शांतिपूर्वक धरने पर बैठकर विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कर्मचारी महीनों से नियमितीकरण, मृतक आश्रितों की नियुक्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं में गोल्डन कार्ड योजना, लेखा संवर्ग में पदोन्नति और कैंपस स्कूल के शिक्षकों-कर्मचारियों के वेतन बजट जैसी मूलभूत मांगों को लेकर परेशान हैं, लेकिन प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में कई पत्र भेजे गए, पर किसी का जवाब नहीं मिला और न ही संयुक्त बैठक का वादा पूरा हुआ।
बेहड़ ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याएँ उठाना उनका कर्तव्य है। विश्वविद्यालय रजत जयंती मना रहा है, लेकिन उन्हीं कर्मचारियों की बात नहीं सुन रहा जिनके दम पर संस्थान खड़ा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें आज विश्वविद्यालय का फाउंडेशन डे होने की जानकारी नहीं थी, वरना वे तारीख आगे बढ़ा देते। उन्होंने किसान सम्मेलन का उदाहरण देते हुए कहा कि तब पूरा कैंपस बंद कर दिया गया था, लेकिन किसी ने कोर्ट आदेश की बात नहीं उठाई।
धरना शुरू होने से कुछ समय पहले पार्क में हल्का तनाव भी पैदा हुआ। विधायक के समर्थक जब धरनास्थल पर दरी बिछा रहे थे तो सुरक्षा कर्मियों ने पूछताछ शुरू कर दी और तंज कसते हुए कहा कि वे किसी विधायक को नहीं जानते। इस पर समर्थक नाराज़ हो गए और थोड़ी देर के लिए नोकझोंक की स्थिति बन गई। बाद में माहौल शांत हुआ और विधायक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार धरने पर बैठ गए। उन्होंने घोषणा की कि धरना मंगलवार सुबह 11 बजे तक जारी रहेगा।



