रुद्रपुर। सोमवार को किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला और ब्लॉक प्रमुख के नेतृत्व में एरा श्रमिक संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में मजदूर डीएम कार्यालय रुद्रपुर पहुंचे। यहां उन्होंने जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपेक्स बिल्डसिस लिमिटेड, सिडकुल पंतनगर के 102 स्थायी श्रमिकों की सवेतन कार्यबहाली की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि कंपनी प्रबंधन ने जुलाई 2017 में अचानक मिलबंदी घोषित कर 102 स्थायी मजदूरों को बेरोजगार कर दिया था। वर्षों की कानूनी लड़ाई के बाद राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की दिल्ली शाखा ने कंपनी की नीलामी प्रक्रिया कराकर इसका स्वामित्व जसमृत डिजाइनर प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित किया था। नीलामी शर्तों के अनुसार, नए स्वामी को सभी पूर्व कर्मचारियों और श्रमिकों को कार्य पर बनाए रखना था।
श्रमिक संगठन के महामंत्री दिनेश कुमार ने बताया कि कंपनी प्रबंधन ने एनसीएलटी के आदेशों की अवहेलना करते हुए पुराने मजदूरों को पुनः कार्य पर नहीं रखा, बल्कि नए लोगों की भर्ती कर उत्पादन शुरू कर दिया है। यह कदम औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के प्रावधानों और न्यायाधिकरण के आदेशों का खुला उल्लंघन है।
संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि श्रम विभाग की लापरवाही और उदासीनता के चलते मजदूरों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि जिलाधिकारी मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें, नए भर्ती पर रोक लगाएं और 102 स्थायी श्रमिकों की सवेतन कार्यबहाली कराई जाए।
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि मजदूरों की यह लड़ाई न्याय और सम्मान की है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो श्रमिक संगठन महिलाओं के नेतृत्व में कंपनी गेट पर धरना देने को विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।




