रुद्रपुर। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल की कांग्रेस में एंट्री के बाद पार्टी के भीतर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर ठुकराल खुद को कांग्रेस के लिए समर्पित बताते हुए संगठन को मजबूत करने का आह्वान कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और पूर्व पालिका अध्यक्ष श्रीमती मीना शर्मा उनके खिलाफ खुलकर मोर्चा खोले हुए हैं।
मीना शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी स्थिति में राजकुमार ठुकराल के साथ काम नहीं करेंगी। पार्टी नेतृत्व द्वारा उन्हें मनाने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। सूत्रों के अनुसार, विवाद को शांत करने के लिए प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व सीएलपी लीडर प्रीतम सिंह, लोकसभा प्रत्याशी प्रकाश जोशी, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रोतेला, पूर्व सांसद महेंद्र सिंह पाल और पूर्व जिलाध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट ने भी उनसे संपर्क साधा, लेकिन मीना शर्मा अपने रुख पर अडिग रहीं।
मीना शर्मा ने ठुकराल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा में रहते हुए उन्होंने रुद्रपुर के सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाया और दंगे भड़काने जैसी गतिविधियों में भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ठुकराल महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियों और चरित्र हनन के लिए जाने जाते रहे हैं। ऐसे व्यक्ति को कांग्रेस में शामिल कर सम्मान देना उनके लिए अस्वीकार्य है।
उधर, राजकुमार ठुकराल का जिले भर में स्वागत किया जा रहा है। रविवार को वह जब नानकमत्ता पहुंचे तो कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस को मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है और आपसी मतभेद भुलाकर संगठन को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से वह राजनीतिक रूप से उपेक्षित रहे, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें नया मंच दिया है, जिसका वह भरोसा कभी नहीं तोड़ेंगे।
ठुकराल ने विश्वास जताया कि जिले की नौ विधानसभा सीटों पर कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन करेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष में रहते हुए भी जनता की समस्याओं के समाधान के लिए वह लगातार प्रयासरत रहेंगे। कुल मिलाकर, ठुकराल की एंट्री से कांग्रेस को जहां एक ओर नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है, वहीं आंतरिक कलह पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।


