विदेशी नौकरी के बहाने युवकों की मानव तस्करी, जसपुर पुलिस ने म्यांमार साइबर फ्रॉड गैंग के दलाल को दबोचा।

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जसपुर पुलिस ने म्यांमार मानव तस्करी व साईबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ — एसएसपी मणिकांत मिश्रा के सख्त रुख से शातिर गिरफ्तार

उधम सिंह नगर में एसएसपी मणिकान्त मिश्रा के निर्देश पर साइबर फ्रॉड और मानव तस्करी से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने जसपुर क्षेत्र से थाईलैंड के बहाने युवकों को म्यांमार भेजकर साइबर फ्रॉड में झोंकने वाले आरोपी सुनील पुत्र नन्हे को गिरफ्तार कर लिया है।

नौकरी का झांसा बन गया जाल

जसपुर निवासी मो. आजम की तहरीर पर दर्ज एफआईआर के अनुसार, आरोपी सुनील ने मोहल्ले के ही आजम और जुनैद को थाईलैंड में कंप्यूटर वर्क की नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उसने दोनों से 70-70 हजार रुपये लेकर उन्हें बैंकॉक भेजा।

बैंकॉक पहुंचने के बाद आरोपी के नेटवर्क ने दोनों को जंगल और नदी के रास्ते गैरकानूनी तरीके से म्यांमार पहुंचाया, जहां उन्हें बंधक बनाकर साइबर फ्रॉड से जुड़ा कार्य जबरन करवाया गया।

भारतीय दूतावास से हुआ रेस्क्यू

पीड़ित किसी तरह साइबर फ्रॉड कंपनी से भाग निकले और थाईलैंड बॉर्डर पहुंचे, जहां से उन्हें भारतीय दूतावास की मदद से भारत वापस लाया गया।

एसएसपी के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी मणिकान्त मिश्रा ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। कोतवाली जसपुर पुलिस ने देर रात दबिश देकर आरोपी सुनील को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके पास से मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और बेरोजगार युवाओं को झांसा देकर विदेश भेजने का काम करता था।

क्या बोले पुलिस अधिकारी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने युवाओं से ठगी कर उन्हें विधिविरुद्ध श्रम में झोंका और उनके परिवारों से संपर्क होने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोपी को न्यायालय में पेश कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

👉 एसएसपी मणिकान्त मिश्रा ने कहा —

“युवाओं को विदेश में नौकरी के झांसे में आने से बचना चाहिए। पुलिस ऐसे नेटवर्क को तोड़ने के लिए हर स्तर पर सख्त कार्रवाई कर रही है।”

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