उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने पुलिस विभाग में तैनात एक जवान पर बार-बार शारीरिक शोषण, मारपीट और दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। मामला काशीपुर और नैनीताल से जुड़ा हुआ है।
उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर निवासी एक महिला ने पुलिस विभाग में तैनात जवान अरुण कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि आरोपी से उसकी मुलाकात एक महिला मित्र के जरिए हुई थी। शुरुआती बातचीत के बाद आरोपी ने उससे शादी का वादा किया और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
पीड़िता के मुताबिक वर्ष 2025 में आरोपी की पोस्टिंग नैनीताल में हुई। वहां बुलाने के बाद जब महिला ने आरोपी का मोबाइल देखा तो उसे पता चला कि उसकी कहीं और सगाई हो चुकी है। इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। महिला का आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने उसके साथ मारपीट की।
महिला का कहना है कि 6 जनवरी 2025 को आरोपी ने दोबारा संपर्क कर यह कहकर भरोसा दिलाया कि उसने दूसरी लड़की से रिश्ता खत्म कर लिया है और वही उससे शादी करेगा। आरोप है कि नैनीताल बुलाकर फिर से उसके साथ मारपीट की गई। पीड़िता का दावा है कि उसके पास आरोपी के खिलाफ ऑडियो-वीडियो सहित कई सबूत हैं, जिन्हें मिटाने की कोशिश की गई।
पीड़िता ने बताया कि उसने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद नैनीताल के मल्लीताल थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। हालांकि, मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी द्वारा उसे धमकाने और केस वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप भी लगाया गया है। बाद में महिला ने काशीपुर के आईटीआई थाने में भी शिकायत दर्ज कराई।
महिला का कहना है कि न्याय की मांग को लेकर वह नैनीताल हाईकोर्ट भी पहुंची। आरोप है कि केस वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। महिला ने दावा किया है कि आरोपी ने उसे अपने भरोसे में लेकर मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की, जिसके फोटो और वीडियो उसके पास हैं। हालांकि बाद में फिर से केस वापस लेने को लेकर विवाद और मारपीट शुरू हो गई।
पीड़िता का कहना है कि उसने आरोपी के सामने शादी का पंजीकरण यूनिफॉर्म सिविल कोड या कोर्ट मैरिज के तहत कराने की शर्त रखी, लेकिन आरोपी ने यह कहकर मना कर दिया कि वह दूसरे धर्म से है और परिवार इस शादी को स्वीकार नहीं करेगा। महिला का आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। दिसंबर 2025 और फिर 8 फरवरी 2026 को भी शारीरिक शोषण और मारपीट की घटनाएं होने का दावा किया गया है।
महिला का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने पहले उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। 10 फरवरी को काशीपुर जनता दरबार में एसएसपी से मुलाकात के बाद मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन अब तक आरोपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
वहीं इस पूरे मामले में काशीपुर के एसपी स्वप्न किशोर सिंह ने बताया कि महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। उनके अनुसार, महिला और आरोपी के बीच प्रेम विवाह हुआ था और बाद में मतभेद उत्पन्न हुए। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर रहा है।




