अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीएससी (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट) संगीता आर्य की अदालत ने एक जघन्य अपराध में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने अपनी ही 5 साल की पोती के साथ दरिंदगी के प्रयास में दोषी पाए गए व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख रूपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, घटना 8 अप्रैल 2023 की है। आरोपी, पीड़िता की मां का ममेरा ससुर (रिश्ते में दादा) लगता है। वह किच्छा थाना क्षेत्र में रह रहा था। उसने पीड़िता को अकेला पाकर बहला-फुसलाकर घर से 500 मीटर दूर जंगल में ले जाकर हैवानियत का प्रयास किया।
पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ पॉक्सो सहित विभिन्न धाराओं के मुकदमा दर्ज किया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीएससी (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट) की अदालत में हुई थी। सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी पर दोष सिद्ध हो गया। अदालत ने दोषी को IPC की धारा 363, 376(AB) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत उम्रकैद के साथ-साथ 1 लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।



