गर्जिया देवी मंदिर अस्थायी रूप से बंद, प्रशासन का बड़ा फैसला, 13 फरवरी तक श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक, वैकल्पिक दर्शन व्यवस्था की गई, आदेश जारी

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सुरक्षा कारणों से गर्जिया देवी मंदिर 13 फरवरी तक बंद, निर्माण कार्य तेज

रामनगर।

प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने अस्थायी रूप से मंदिर परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी है। मंदिर के टीले पर सुरक्षात्मक और निर्माण कार्य तेजी से जारी है, जिसके चलते किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए यह निर्णय लिया गया है।

रामनगर के उप जिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि रामनगर सिंचाई खंड द्वारा गर्जिया देवी मंदिर के टीले पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। मंदिर के नीचे स्थित चबूतरा अत्यधिक जर्जर अवस्था में पहुंच चुका था, जिससे किसी भी समय हादसे की आशंका बनी हुई थी। इसी कारण वर्तमान में मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य किया जा रहा है।

उप जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में प्रवेश उनके लिए खतरे का कारण बन सकता है। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अभियंता द्वारा प्रशासन से वार्ता कर लिखित रूप से आग्रह किया गया था कि कार्य पूर्ण होने तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकी जाए। इसके बाद प्रशासन ने मंदिर समिति और पुजारियों को दूरभाष के माध्यम से सूचित करते हुए लिखित आदेश भी जारी कर दिए हैं।

प्रशासन के अनुसार सुरक्षा की दृष्टि से गर्जिया देवी मंदिर को कल से 13 फरवरी तक पूर्ण रूप से बंद रखा जाएगा। इस अवधि के बाद निर्माण कार्य की प्रगति और परिसर की सुरक्षा स्थिति का आकलन किया जाएगा। यदि कार्य पूर्ण होने के साथ परिसर सुरक्षित पाया गया, तो श्रद्धालुओं के लिए मंदिर को पुनः खोल दिया जाएगा, अन्यथा प्रतिबंध की अवधि बढ़ाई जा सकती है।

श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक दर्शन व्यवस्था भी की जा रही है। मंदिर के डोले को नीचे पुल पार स्थित पैतृक मंदिर में स्थापित किया जाएगा, जहां एक पत्रक भी रखा जाएगा। इससे श्रद्धालु टीले पर चढ़े बिना ही नीचे से दर्शन कर सकेंगे।

उप जिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने श्रद्धालुओं से प्रशासन और मंदिर समिति का सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भविष्य में किसी भी दुर्घटना से बचाव के उद्देश्य से लिया गया है।

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