उधम सिंह नगर जिले की थाना कुण्डा पुलिस ने एक ऐसे रहस्यमयी मामले की गुत्थी सुलझा दी जिसे शुरुआत में सड़क दुर्घटना समझा गया था। पुलिस की सतर्कता और वैज्ञानिक जांच ने इसे हत्या साबित कर दो आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
घटना 4 सितम्बर 2025 की है। कुण्डा पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक सड़क हादसे में घायल हो गया है। घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान बिजनौर निवासी सचिन कुमार चौहान के रूप में हुई। हालांकि घटनास्थल पर पुलिस को परिस्थितियां संदिग्ध लगीं।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन टीमों का गठन किया। एक टीम ने पंचनामा और कानूनी कार्यवाही की, दूसरी टीम ने 450 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले और तीसरी टीम ने तकनीकी पहलुओं व मृतक के परिचितों से पूछताछ की।
5 सितम्बर को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सचिन के सिर से छर्रे बरामद हुए। यहीं से यह साफ हो गया कि मामला सड़क हादसा नहीं बल्कि हत्या है। जांच आगे बढ़ी और 8 सितम्बर को पुलिस ने बैलपड़ाव, रामनगर से जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने अपने साले सोनू वर्मा के साथ मिलकर हत्या की। अगले दिन सोनू को काशीपुर बाईपास से पकड़ा गया।
पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ कि सोनू वर्मा का मृतक की पत्नी से प्रेम संबंध था। सचिन इसका विरोध करता था और पत्नी पर अत्याचार करता था। इसी कारण सोनू ने अपने जीजा जसप्रीत के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। मोटरसाइकिल गिरवी रखने के बहाने बुलाकर पुल के पास गोली मार दी गई।
जसप्रीत सिंह शाहजहांपुर का हार्डकोर क्रिमिनल निकला, जिस पर हत्या के प्रयास, लूट, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट सहित आठ मुकदमे दर्ज हैं। वहीं सोनू वर्मा काशीपुर का निवासी है और अवैध संबंधों के चलते जुनून में हत्या तक कर बैठा।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्कूटी, तमंचा और कारतूस बरामद किए। इस जटिल ब्लाइंड मर्डर को सुलझाने में प्रभारी निरीक्षक रवि कुमार सैनी व उनकी टीम ने अहम भूमिका निभाई।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने पुलिस टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपराधी कितना भी चालाक क्यों न हो, उधम सिंह नगर पुलिस की चौकसी और जांच से बच नहीं सकता।




