रुद्रपुर में 11 करोड़ की नकली NCERT किताबों का भंडाफोड़, 11 लाख से ज्यादा किताबें बरामद, शिक्षा तंत्र पर उठे सवाल, फर्जी प्रिंटिंग नेटवर्क की जांच तेज

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रुद्रपुर। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। शहर के एक गोदाम से एनसीईआरटी (National Council of Educational Research and Training) की करीब 11 लाख 30 हजार संदिग्ध नकली किताबें बरामद की गई हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 11 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस खुलासे ने शिक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, 14 मार्च की शाम को किरतपुर क्षेत्र स्थित एक गोदाम में भारी मात्रा में किताबें होने की सूचना मिली थी। इसके बाद 15 मार्च की सुबह प्रशासन और पुलिस टीम ने गोदाम का ताला तोड़कर जांच शुरू की। मौके पर किताबों की गिनती कराई गई, जिसमें लाखों की संख्या में एनसीईआरटी की किताबें बरामद हुईं। वहीं एक ट्रक में लदी किताबों की कीमत भी करीब एक करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

सूचना मिलने पर दिल्ली से एनसीईआरटी की विशेष टीम भी रुद्रपुर पहुंची। टीम के अधिकारी दीपक कौशिक ने प्राथमिक जांच में किताबों को नकली बताया। उन्होंने कहा कि असली एनसीईआरटी किताबें केवल आईएसओ प्रमाणित प्रिंटिंग प्रेस में तय गुणवत्ता मानकों के अनुसार छपती हैं, जबकि बरामद किताबों की प्रिंटिंग और इंक स्थानीय स्तर की प्रतीत हो रही है। टीम ने किताबों के सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं।

रुद्रपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनोज रतूड़ी के मुताबिक, यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई। फिलहाल पुलिस गोदाम मालिक और किराएदारों से पूछताछ कर रही है तथा पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

यह मामला बच्चों की शिक्षा और भविष्य से सीधे जुड़ा होने के कारण बेहद गंभीर माना जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और इस तरह के फर्जीवाड़े पर पूरी तरह अंकुश लगाने के प्रयास तेज किए जाएंगे।

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