रुद्रपुर। कुमाऊँ मंडलायुक्त एवं जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक रावत ने मंगलवार को जिला विकास प्राधिकरण कार्यालय का निरीक्षण कर कार्यप्रणाली, लंबित प्रकरणों और विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को पुराने मामलों और आवेदनों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने प्राधिकरण में दर्ज विभिन्न वादों की स्थिति की जांच की तथा नियमन क्षेत्र से संबंधित पत्रावलियों का अवलोकन किया। उन्होंने भवन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए ई-मानचित्र प्रणाली को तेज करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर मानचित्रों पर निर्णय लेने के निर्देश दिए। साथ ही प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति और राजस्व वसूली की भी समीक्षा की तथा वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों को समय से पूरा करने को कहा।
इसके बाद मंडलायुक्त ने कलेक्ट्रेट परिसर में 17.71 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन जिला विकास प्राधिकरण कार्यालय भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखते हुए इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने एनएच-87 पर डीडी चौक से त्रिशूल चौक तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी जायजा लिया और संबंधित एजेंसी को कार्य में तेजी लाने तथा यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जन शिकायतों का पारदर्शिता के साथ प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
इस दौरान जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, सचिव पंकज उपाध्याय, एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



